RAW से जुड़े ये 5 तथ्य हर भारतीय को Proud Feel कराते हैं

टाइगर फिल्म के सलमान भाई तो आपको याद ही होंगे! अरे वही जो RAW का एजेंट होता है, ख़ुफ़िया जानकारी की तलाश में न जाने कहां-कहां भटकता है और एक पाकिस्तानी लड़की से इश्क़ कर बैठता है. न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों में इस्तेमाल हो चुकी RAW आखिर है क्या? जो बॉलीवुड के ज़्यादातर डायरेक्टर और प्रोडूसर इसके पीछे पगलाए से रहते हैं. आज हम आपको इसी RAW के बारे में 5 ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जिनसे सिर्फ आप ही क्या आप जैसे कई लोग अंजान हैं.

इंडो-चाईना वॉर के बाद हुआ RAW का गठन

1962 में चीन के हाथों हार का मुंह देखने के बाद 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ एक और जंग ने भारत की ‘इंटेलिजेंस एजेंसियों’ की पोल खोल दी थी. इसके बाद एक ऐसी एजेंसी की जरूरत महसूस होने लगी, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर सके. इसी के मद्देनज़र इंदिरा गांधी की सरकार में 21 सितंबर 1968 को RAW का गठन हुआ.

RAW के पहले डायरेक्टर का कार्यभार रामेश्वर नाथ काओ के हाथों में सौंपा गया, जिन्होंने अपने 9 साल के कार्यकाल में सिक्किम को भारत का अभिन्न अंग बनाने के साथ ही 1971 में पाकिस्तान को हरा कर बंग्लादेश की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

RAW का सबसे होनहार एजेंट ‘ब्लैक टाइगर’

राजस्थान के श्री गंगानगर में 11 अप्रैल 1952 को पैदा हुए स्वर्गीय रविंद्र कौशिक एक थिएटर आर्टिस्ट थे, जिन्हें रूप बदलने में महारत हासिल थी. 1975 में उन्हें एक सीक्रेट मिशन के तहत RAW ने पाकिस्तान भेजा था.

वहां मिशन पूरा करने के बाद रविंद्र इस्लाम कबूल करके अहमद शाकिर बन गए और पाकिस्तानी आर्मी में घुस कर वहां से गुप्त सूचनाएं भारत भेजने लगे. 1979 से लेकर 1983 तक उन्होंने कई महत्व्पूर्ण सूचनाएं भारत भेजी.
पर एक गुप्त सूचना भेजते वक़्त वो दुश्मनों के निशाने पर आ गए, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन पर 2 साल जम कर कहर बरपाया. पाकिस्तानी कोर्ट ने भी उन्हें आजीवन कैद की सजा सुनाई. मुल्तान की सेंट्रल जेल में दिल की बीमारी की वजह से 1999 में मौत हो गई. उनके काम और साहस को देखते हुए ही उन्हें ‘ब्लैक टाइगर’ का ख़िताब दिया गया.

RAW एक स्वतंत्र संस्था

रॉ असल में कोई संस्था नहीं बल्कि एक विंग है, जो सीधा प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट भेजती है. इसके डायरेक्टर का चुनाव, सेक्रेटरी(रिसर्च) द्वारा होता है. देश की सुरक्षा का मामला होने की वजह से RTI डालना यहां व्यर्थ है.

Smiling Buddha जैसे सीक्रेट मिशन को अंजाम दे चुका है RAW

रॉ सिर्फ देश के लिए गुप्त सूचनाओं को ही नहीं लाता बल्कि पड़ोसी देशों से शांति व्य्वस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. 18 मई 1974 जब राजस्थान के पोखरण में भारत ने अपना पहला परमाणु प्रयोग किया था, तो उसे रॉ की ही सूझ-बूझ की वजह से ‘Peaceful Nuclear Explosion’ का नाम दिया गया था.

पाकिस्तान की साजिश भी नाकाम कर चुका है RAW

1971 में हाईजैक हुआ इंडियन एयरलाइन्स विमान असल में रॉ द्वारा चलाया गया मिशन ‘गंगा’ था, जिसका मकसद पाकिस्तानी विमानों को भारत सीमा से बाहर रखना था. इसका फायदा भारत को पाकिस्तान पर जीत के साथ मिला था.

Al-Fatah पाकिस्तान द्वारा पोषित एक आतंकवादी संगठन था, जिसे पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग मिली थी. इसका मकसद प्रधानमंत्री इंद्रा गांधी के बेटे राजीव गांधी को मारना था. अपने मकसद में कामयाब होने से पहले ही इसके सरगना हाशिम कुरैशी को BSF द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था.

Feature image: hindustan

 

Comments