बियर है पेरासिटामोल से बेहतर दर्द की दवा

बियर है पेरासिटामोल से बेहतर दर्द की दवा

बियर पीने वालों के लिए एक खुशखबरी है, कारण ही ऐसा है की पीने वालों को पीने का एक बहाना और मिल गया। एक रिसर्च में दावा किया गया है कि आमतौर पर पेन किलर

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बियर पीने वालों के लिए एक खुशखबरी है, कारण ही ऐसा है की पीने वालों को पीने का एक बहाना और मिल गया। एक रिसर्च में दावा किया गया है कि आमतौर पर पेन किलर के तौर पर इस्तेमाल होने वाली पैरासेटामॉल से कहीं बेहतर पेनकिलर बियर है। यूके स्थित ग्रीनविच यूनिवर्सिटी के 400 लोगों पर की गयी रिसर्च में यह खुलासा हुआ है।


रिसर्च में पाया गया कि बियर पीने से दर्द का एहसास घट जाता है क्योंकि बियर ब्रेन रिसेप्टर्स पर काम करती है और यह टेंशन घटाने में मदद करती है।


इसकी वजह से परेशानी की तीव्रता कम हो जाती है। यही वजह है कि जितनी ज्यादा बियर , दर्द का एहसास उतना ही कम।
अगर खून में .08% ऐल्कॉहॉल है, तो दर्द में काफी कमी आती है। विशेषज्ञ इसके पीछे का कारण खोजने में जुटे हैं। इसकी एक वजह उन्हें यह लगती है कि ऐल्कॉहॉल चिंता कम करता है, जिसके कारण दर्द की तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता।


हालांकि उन्होंने साफ किया की इस रिसर्च का मतलब यह कतई नहीं है कि यह शराब पीने को बढ़ावा देने के लिए है। यह फैक्ट है कि लंबे समय तक बियर या ऐल्कॉहॉल का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ज़्यादा बियर पीना हार्ट अटैक और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को बुलावा देना है।

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