स्लिप डिस्क से बचना है तो  ले लाये स्टैंडिंग डेस्क

स्लिप डिस्क से बचना है तो ले लाये स्टैंडिंग डेस्क

आज लगभग हर आदमी को अपने जीवन काल में कमर दर्द का अनुभव होता है।अब लोगों के लिए कमर कष्टदायक समस्या बनी हुई है और अब ये दुनिया में एक महामारी का रूप ले

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आज लगभग हर आदमी को अपने जीवन काल में कमर दर्द का अनुभव होता है।अब लोगों के लिए कमर कष्टदायक समस्या बनी हुई है और अब ये दुनिया में एक महामारी का रूप लेता जा रहा है।आज हर उम्र के लोग इससे परेशान हैं और दुनिया भर में इसके सरल व सहज इलाज की खोज जारी है। यह गंभीर दर्द कई बार स्लिप्ड डिस्क में बदलता है तो कभी-कभी इससे साइटिका हो सकता है।
स्लिप्ड डिस्क कोई बीमारी नहीं, शरीर की मशीनरी में तकनीकी खराबी है। वास्तव में डिस्क स्लिप नहीं होती, बल्कि स्पाइनल कॉर्ड से कुछ बाहर को आ जाती है।


आम कारण
1. गलत पोश्चर इसका आम कारण है। लेट कर या झुक कर पढना या काम करना, कंप्यूटर के आगे बैठे रहना इसका कारण है।
2. अनियमित दिनचर्या, अचानक झुकने, वजन उठाने, झटका लगने, गलत तरीके से उठने-बैठने की वजह से दर्द हो सकता है।
3. सुस्त जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियां कम होने, व्यायाम या पैदल न चलने से भी मसल्स कमजोर हो जाती हैं। अत्यधिक थकान से भी स्पाइन पर जोर पडता है और एक सीमा के बाद समस्या शुरू हो जाती है।
4. अत्यधिक शारीरिक श्रम, गिरने, फिसलने, दुर्घटना में चोट लगने, देर तक ड्राइविंग करने से भी डिस्क पर प्रभाव पड सकता है।
5. उम्र बढने के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और इससे डिस्क पर जोर पडने लगता है
ऑफिस में काम करने वाले लोगों का ज्यादातर समय अपनी डेस्क और चेयर पर ही बीतता है। ऐसे में अच्छी स्टैंडिंग डेस्क खरीदकर आप लगातार बैठे रहने के नुकसानों को कम कर सकते हैं।हाल ही में अमिताभ बच्चन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें वह स्टैंडिंग डेस्क पर खड़े होकर काम कर रहे हैं। बच्चन ने फोटो के नीचे लिखा है– जब बैठे-बैठे काम करते हुए थक जाएँ तो खड़े होकर काम करें। इसके लिए मैंने एक स्पेशल टेबल बनवाई है। अपने पिता से मैंने यह सीखा है। जोकि ऐसे ही काम करते थे।

स्टैंडिंग डेस्क पर कार्य करने ये हैं फायदे
स्टैंडिंग डेस्क पर कम करने से एनर्जी लेवल हाई रहता है, आलस भी नहीं आता है।
– स्टैंडिंग पोजीशन में काम करने से मेटाबोलिज्म (उपापचय) प्रक्रिया तेज होती है, जिससे पाचन प्रणाली ठीक से काम करती है।
– खड़े होकर कार्य करने से रक्तसंचार बेहतर तरीके होता है। स्टैंडिंग डेस्क पर कार्य करने से ज्यादा कैलोरीज बर्न होती है। अतः मोटापे की समस्या को यह तरीका कम करता है।
स्टैंडिंग डेस्क पर कार्य करने से शरीर की मांसपेशियां सुगठित होती हैं, शरीर का पोस्चर सुधरता है। इससे पीठ दर्द, बैड पोस्चर के दर्द की सम्भावनायें घटती हैं।
– ह्रदय रोग समस्या, डायबिटीज, मोटापा, ब्लड शुगर बढ़ना आदि बिमारियों को दूर रखने के लिए पर काम करना एक बढ़िया उपाय है।

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